MP News: सज्जन वर्मा का सवाल – व्यापारी 3000 रुपये में गेहूं खरीद रहे तो MP सरकार क्यों नहीं?

मध्य प्रदेश में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि जब बाजार में व्यापारी 3000 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे हैं, तो राज्य सरकार किसानों से सिर्फ 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं क्यों खरीद रही है?

सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप

सज्जन वर्मा ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य नहीं दे रही है। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने इंदौर की मंडी का उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में व्यापारी वहां 3000 रुपये से ज्यादा की दर पर गेहूं खरीद रहे हैं। लेकिन सरकार का MSP इससे कम है, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वर्मा ने मांग की कि राज्य सरकार गेहूं का समर्थन मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल तय करे ताकि किसानों को न्याय मिल सके।

नकली व्यापारियों से भी किसान परेशान

सज्जन वर्मा ने एक और गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कुछ फर्जी व्यापारी किसानों से सस्ते दाम पर गेहूं खरीदकर बाद में गायब हो जाते हैं। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है – एक तरफ कम कीमत मिलती है, दूसरी ओर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार किसानों से सीधे 3000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदे ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और किसानों को लाभ मिले।

बजट सत्र में कांग्रेस उठाएगी मुद्दा

मध्य प्रदेश में जल्द ही विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है और कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। सज्जन वर्मा ने हाल ही में भोपाल में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4.20 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन करने का दावा किया, लेकिन पिछली इन्वेस्टर्स मीट में 13.5 लाख करोड़ रुपये के समझौते हुए थे, जिनमें से केवल 5% निवेश भी अगर जमीन पर उतरता तो मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति बदल जाती।

भाजपा का पलटवार – कांग्रेस कर रही गुमराह

सज्जन वर्मा के इन बयानों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस किसानों को गुमराह कर रही है। राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का सही दाम देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

अब देखना होगा कि बजट सत्र में कांग्रेस इस मुद्दे को किस तरह से उठाती है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है। क्या मध्य प्रदेश सरकार गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने पर विचार करेगी, या फिर किसानों के लिए कोई नई नीति लाएगी? आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा।

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